छत्तीसगढ़

डॉ. रमन सिंह ने महादेव घाट में दी छठ मईया को अर्घ्य

Shantanu Roy
27 Oct 2025 11:01 PM IST
डॉ. रमन सिंह ने महादेव घाट में दी छठ मईया को अर्घ्य
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छग
Raipur. रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के महादेव घाट पर आज सूर्य उपासना के पावन महापर्व “छठ” का भव्य आयोजन हुआ। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने उपस्थित होकर व्रतधारी माताओं और बहनों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने छठ मईया को अर्घ्य अर्पित कर प्रदेश की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि छठ पर्व भारतीय संस्कृति में आस्था, संयम और समर्पण का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने कहा कि व्रतधारी माताओं और बहनों के त्याग, उपवास और श्रद्धा से पूरे समाज में सकारात्मक ऊर्जा और सामूहिक सद्भाव का संदेश फैलता है। डॉ. सिंह ने इस अवसर पर कहा, “छठ के इस पावन पर्व पर माताओं के त्याग, आस्था और व्रत के प्रताप से छत्तीसगढ़ महतारी की सभी संतानें सुरक्षित रहें और सूर्य देवता को अर्पित यह अर्घ्य प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि बनाए रखे।” महादेव घाट पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी थी।


घाट को आकर्षक रोशनी और पारंपरिक सजावट से सजाया गया था। महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में टोकरी में प्रसाद, ठेकुआ और फल लेकर सूर्य देव को अर्घ्य देने पहुंचीं। ढोल-मंजीरे और लोकगीतों की गूंज से पूरा वातावरण धार्मिक भक्ति से सराबोर हो गया। इस अवसर पर रायपुर उत्तर विधायक पुरंदर मिश्रा और महापौर मीनल चौबे भी मौजूद रहे। दोनों जनप्रतिनिधियों ने श्रद्धालुओं के साथ मिलकर सूर्य देवता को अर्घ्य अर्पित किया और प्रदेशवासियों की खुशहाली की कामना की। विधानसभा अध्यक्ष ने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि महादेव घाट पर हर वर्ष आयोजित यह पर्व छत्तीसगढ़ की गंगा-जमुनी संस्कृति का प्रतीक बन चुका है। यहां हर धर्म, जाति और वर्ग के लोग मिलकर सूर्योपासना में सहभागी बनते हैं, जो सामाजिक एकता और सौहार्द का परिचायक है। डॉ. सिंह ने उपस्थित श्रद्धालुओं से संवाद भी किया और कहा कि छत्तीसगढ़ में छठ पूजा अब केवल बिहार या पूर्वांचल के लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह राज्य की साझा सांस्कृतिक पहचान का उत्सव बन चुकी है। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और नगर निगम द्वारा सुरक्षा, साफ-सफाई और व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। घाटों पर महिला सुरक्षा बल की तैनाती रही और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क, चिकित्सा शिविर और पेयजल स्टॉल लगाए गए थे।
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